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17 November 2017

रबी में दलहन की बुवाई बढ़ीए तिलहनों के साथ गेहूं की घटी

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू रबी सीजन में दलहन के साथ ही मोटे अनाजों की बुवाई आगे चल रही है लेकिन तिलहनों के साथ ही गेहूं की बुवाई पिछे चल रही है। कृषि मंत्रालय के अनुसार गेहूं की बुवाई घटकर 60ण्19 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई केवल 75ण्05 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। मंत्रालय के अनुसार चालू रबी में कुल फसलों की बुवाई बढ़कर 230ण्36 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल के समान अवधि में केवल 219ण्47 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हो पाई थी।
रबी दलहन की बुवाई चालू रबी में बढ़कर 81ण्24 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई केवल 60ण्46 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। चना के साथ ही मसूर की बुवाई भी आगे चल रही है। चना की बुवाई बढ़कर 60ण्69 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 43ण्91 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी।
मोटे अनाजों की बुवाई बढ़कर भी चालू रबी में अभी तक 30ण्59 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय 26ण्11 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। मोटे अनाजों में ज्वार की बुवाई बढ़कर 22ण्90 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 20ण्88 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। जौ की बुवाई चालू रबी में बढ़कर 2ए35 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 1ण्44 लाख हैक्टेयर में ही जौ की बुवाई हो पाई थी।
चालू रबी में तिलहनों की बुवाई घटकर 49ण्78 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 51ण्30 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। रबी तिलहन की प्रमुख फसल सरसों की बुवाई अभी तक केवल 44ण्53 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 46ण्86 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। .....  आर एस राणा

राजस्थान में चना के साथ ही सरसों की बुवाई पिछड़ी

आर एस राणा
नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान में चना के साथ ही सरसों की बुवाई भी पिछे चल रही है। राज्य के कृषि निदेशालय के अनुसार राज्य में चना की बुवाई अभी तक केवल 9.65 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में राज्य में 10.16 लाख हैक्टेयर में चना की बुवाई हो चुकी थी।
राज्य के कृषि निदेशालय ने चालू रबी में राज्य में चने की बुवाई का लक्ष्य 15 लाख हैक्टेयर का तय किया है जबकि पिछले साल राज्य में चना की बुवाई 15.48 लाख हैक्टेयर में हुई थी।
सरसों की बुवाई चालू रबी में राज्य में अभी तक 17.24 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में 19.88 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। राज्य के कृषि निदेशालय ने सरसों की बुवाई का लक्ष्य 26 लाख हैक्टेयर का तय किया है जबकि पिछले साल राज्य में 25.04 लाख हैक्टेयर में सरसों की बुवाई हुई थी।
अन्य फसलों में जौ की बुवाई चालू रबी में अभी तक केवल 60 हजार हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल राज्य में एक लाख हैक्टेयर में जौ की बुवाई हो चुकी थी। गेहूं की बुवाई जरुर आगे चल रही है। राज्य में गेहूं की बुवाई बढ़कर 4.52 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी, जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 3.99 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी।
राज्य में रबी फसलों की कुल बुवाई 38.49 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में 38.41 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी।  ...................    आर एस राणा

16 November 2017

सोने का दाम 1280 डॉलर के ऊपर

ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल में भारी उठापटक हो रही है। ब्रेंट में दबाव है, जबकि नायमैक्स क्रूड में मजबूती देखी जा रही है। वहीं सोने का दाम फिर से 1280 डॉलर के ऊपर चला गया है और चांदी में भी 17 डॉलर के ऊपर कारोबार हो रहा है। लेकिन चीन में मेटल आज फिर से कमजोर पड़ गए हैं। शंघाई फ्यूचर एक्सचेंज पर निकेल में करीब 1.5 फीसदी की गिरावट आई है। मांग में कमी के अनुमान से कॉपर, एल्युमिनियम और जिंक भी कमजोर हैं। आज डॉलर के मुकाबले रुपये में 1 फीसदी की जोरदार मजबूती आई है। डॉलर की कीमत 64.80 के नीचे आ गई है।

केंद्र सरकार ने सभी दलहन के निर्यात को दी मंजूरी

आर एस राणा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अरहर, उड़द और मूंग के बाद चना और मसूर के निर्यात की अनुमति भी दे दी है। घरेलू बाजार में दलहन की कीमतों में गिरावट रोकने के लिए केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी की बैठक में सभी दलहन के निर्यात की अनुमति दे दी है। जानकारों के अनुसार चना की कीमतों में इसका खास प्रभाव नहीं पड़ेगा, मसूर की कीमतों में हल्का सुधार आ सकता है। मसूर का निर्यात बंगलादेश को होने का अनुमान है। छोटी मसूर की बंगलादेश में अच्छी खपत होती है। ..............   आर एस राणा

15 November 2017

कच्चे तेल में हल्की रिकवरी

कल की भारी गिरावट के बाद कच्चे तेल में हल्की रिकवरी आई है। हालांकि रिकवरी के बावजूद ब्रेंट 62 डॉलर के नीचे है। वहीं नायमैक्स क्रूड में 55 डॉलर के नीचे कारोबार हो रहा है। अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार करीब 19 लाख बैरल बढ़ गया है। साथ ही रोजाना उत्पादन का स्तर 96.5 लाख बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर चला गया है। पिछले 1.5 साल में अमेरिका में कच्चे तेल का उत्पादन करीब 15 फीसदी बढ़ चुका है। ऐसे में ओपेक के उत्पादन में कटौती का असर अब कमजोर पड़ने लगा है। सोने में बेहद सुस्त कारोबार हो रहा है। इसका दाम 1280 डॉलर के नीचे है। चांदी भी 17 डॉलर के नीचे ही बनी हुई है। अगले महीने अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। चीन में आज भी बेस मेटल कमजोर हैं। एल्युमिनियम को छोड़कर सभी मेटल करीब 0.50 फीसदी नीचे है। आज डॉलर के मुकाबले रुपये में सुस्ती है।

महाराष्ट्र में गन्ना किसानों का आंदोलन तेज

आर एस राणा
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में गन्ना किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। राज्य के अहमदनगर जिले में आज किसान हिंसक हो गए और आगजनी भी की गई। किसानों को रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
उधर राज्य की पैठण तहसील में भी किसानों ने चक्का जाम किया। पैठण में किसानों पर पुलिस ने फायरिंग भी की जिसमें दो किसान जख्मी हो गए।  ............  आर एस राणा

मध्य प्रदेश में अन्य राज्यों से आने वाली दाल पर हटा सकता है टैक्स

आर एस राणा
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश सरकार अन्य राज्य से आने वाली दाल पर से मंडी टैक्स हटाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कारोबारियों की मांग पर मंडी टैक्स को हटाने का फैसला किया है।
सूत्रों के अनुसार इसकी अधिसूचना जल्द ही जारी होने की संभावना है। मध्य प्रदेश में दूसरे राज्यों से आने वाली दाल पर 2.2 रुपये प्रति क्विंटल मंडी टैक्स अदा करना पड़ता है।  ............   आर एस राणा