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26 सितंबर 2015

मिलों की मांग से चना में तेजी


आर एस राणा
नई दिल्ली। दाल मिलों की मांग निकलने से सप्ताह के आखिर में चना की कीमतों में 100 से 150 रुपये प्रति क्विंटल का सुधार देखा गया। घरेलू मंडियों में चना का स्टॉक कम है जबकि दाल और बेसन में मांग अच्छी है। यही वजह से चना की कीमतों तेजी आई है। दिल्ली की लारेंस रोड़ मंडी में चना के भाव बढ़कर 4,750 से 4,800 रुपये, महाराष्ट्र की लातूर मंडी में 4,925 रुपये, मुंबई में आस्ट्रेलिया से आयातित चना के भाव 5,000 रुपये तथा मध्य प्रदेष की इंदौर मंडी में 4,600 रुपये प्रति क्विंटल रहे।
हाल ही में मध्य प्रदेष और महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों में बारिष हुई है जोकि चना की नई फसल की बुवाई के लिए अच्छी है लेकिन राजस्थान और उत्तर प्रदेष के चना उत्पादक क्षेत्रों में बारिष की कमी है जिससे इसकी बुवाई पर असर पड़ने की आषंका है।
उत्पादक राज्यों में चना का स्टाक कम होने से दैनिक आवक पहले की तुलना में कम है। जबकि अन्य दालों की तुलना में चना की दाल अभी भी सस्ती होने से इसकी खपत अन्य दालों के मुकाबले ज्यादा हो रही है। पैदावार में कमी आने के कारण चालू रबी सीजन में देष में चना की कुल उपलब्धता सालाना खपत से कम है। वैसे भी आस्ट्रेलिया से आयातित चना के भाव भी तेज बने हुए हैं।
कृषि मंत्रालय के चौथे आरंभिक अनुमान के अनुसार फसल वर्ष 2014-15 में चना की पैदावार घटकर 71.7 लाख टन होने का अनुमान है। पिछले साल इसकी रिकार्ड पैदावार 95.3 लाख टन की हुई थी।.....आर एस राणा

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